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Shanidev Ji Ki Aarti – शनिदेव जी की आरती

पोस्टेड ओन: 8 Mar, 2011 ज्योतिष में

पौराणिक और लौकिक मान्यता है कि शनिवार का दिन शनिदेव का होता है. अक्सर लोग शनिदेव जी को अशुभ और अहित का देवता मानते हैं. लेकिन यह सच नहीं है. अगर शनिदेव का सही ढंग से पूजन किया जाए और शनिदेव जी की आरती का पाठ हर शनिवार किया जाए तो शनि देव की छत्रछाया हमेशा हमारे उपर रहती है.


Kokilavan Shanidhamशनिदेव जी को सूर्य का पुत्र माना जाता है. शनिदेव का रंग कृष्ण है और उन्हें काला तिल, तेल, काला वस्त्र, काली उड़द अत्यंत प्रिय है. इनसे ही शनिदेव की पूजा होती है.


नीचे हम शनिदेव जी की आरती हिंग्लिश और हिन्दी में दे रहे हैं ताकि हमारे पाठक भी इस आरती का आनंद ले सकें.


“Jay Jay Shri Shanidev Bhaktan Hitakaari,

Sooraj Ke Putra Prabhu Chaaya Mahataari .

Jay Jay Shri Shanidev Bhaktan Hitakaari.


स्वयं महालक्ष्मी ने धन कमाने के लिए बताए हैं यह रहस्य


Shyaam Ank Vakra Drasht Chaturbhujaa Dhaari,

Nilaambar Dhaar Naath Gaj Ki Asavaari .

Jay Jay Shri Shanidev Bhaktan Hitakaari.


Kirit Mukut Shish Sahaj Dipat Hai Lilaari,

Muktan Ki Maal Gale Shobhit Balihaari.

Jay Jay Shri Shanidev Bhaktan Hitakaari.


Modak Mishtaan Paan Chadhat Hai Supaari,

Lohaa Til Tel Udad Mahishi Ati Pyaari.

Jay Jay Shri Shanidev Bhaktan Hitakaari.


Dev Danuj Rishi Muni Surat Nar Naari,

Vishvanaath Dharat Dhyaan Sharan Hai Tumhaari.

Jay Jay Shri Shanidev Bhaktan Hitakaari.”

***********************************

घरों में इन तस्वीरों को लगाने से हो जाता है…..


शनिदेव जी  की आरती


जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।

सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥

जय जय श्री शनिदेव…


श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी ।

नीलांबर धार नाथ गज की असवारी ॥

जय जय श्री शनिदेव…


किरीट मुकुट शीश सहज दिपत है लिलारी ।

मुक्तन की माल गले शोभित बलिहारी ॥

जय जय श्री शनिदेव…


मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी ।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी ॥

जय जय श्री शनिदेव…


देव दनुज ॠषि मुनि सुरत नर नारी ।

विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी ॥

जय जय श्री शनिदेव…


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Tags: Gazal  

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